Bhul gaye milkar zana

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bhul gaye milkar zana

वो यादें, वो जिंदगी की राह में हुई बातें,
लगता है लेकर जाना भूल गए,
रास्ते में लगा कुछ जरूरी था,
जो बताना भूल गए ।

जल्दी में थे लगता
मिलकर जाना भूल गए,
ए वक्त ए रुखसत रो रहा जिंदगी
हमारी इस बेहूदी पे

उनके तो आंसू तक न निकले
लगता है जल्दी में थे
गए बाहर अन्दर बाहर आना भूल गए

वो यादें वो जिंदगी में हुई बातें सब
ले जाना भूल गए
काश आए होते उस आसमा से
उतरकर तस्सली तो मिल जाती
पर जल्दी में थे मिल कर जाना भूल गए।

Apni zhalak-poetry by Anant Yadav
WRITTEN BY

Apni zhalak-poetry by Anant Yadav

Student of class 12 Central hindu boys school (CHBS) BHU My YouTube poetry channel
Apni zhalak -poetry.

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One thought on “Bhul gaye milkar zana

  1. · November 21, 2022 at 6:51 pm

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