Kabir poems and dohe in Hindi complete list

कबीर के दर्शन की सामाजिक और व्यावहारिक अभिव्यक्ति युगों से चली आ रही है। यह हिंदू और मुस्लिम अवधारणाओं के संश्लेषण का प्रतिनिधित्व करता है। हिंदू धर्म से वह पुनर्जन्म की अवधारणा और कर्म के नियम को स्वीकार करता है। इस्लाम से वह एकल ईश्वर की पुष्टि और जाति व्यवस्था और मूर्तिपूजा की अस्वीकृति लेता है। वे जिन बुनियादी धार्मिक सिद्धांतों का समर्थन करते हैं, वे सरल हैं। कबीर के अनुसार, सारा जीवन दो आध्यात्मिक सिद्धांतों की परस्पर क्रिया है। एक व्यक्तिगत आत्मा (जीवात्मा) है और दूसरी ईश्वर (परमात्मा) है। कबीर का मत है कि मोक्ष इन दो दिव्य सिद्धांतों को एक करने की प्रक्रिया है।कबीर भारतीय इतिहास में एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं। वह इस मायने में असामान्य है कि वह हिंदुओं, सिखों और मुसलमानों के लिए समान रूप से आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। कबीर ने खुले तौर पर सभी संप्रदायों की आलोचना की और भारतीय दर्शन को एक नई दिशा दी। कबीर आत्मा, अंतरात्मा, जागरूकता की भावना और अस्तित्व की जीवन शक्ति को इस तरह से छूते हैं जो सादगी और शैली दोनों में बेजोड़ है।
यही कारण है कि कबीर को पूरी दुनिया में बहुत सम्मान दिया जाता है। कबीर की कविता की एक और खूबी यह है कि वह हमारे दैनिक जीवन को घेरने वाली स्थितियों को उठाते हैं। इस प्रकार कबीर का काव्य आज भी सामाजिक और आध्यात्मिक दोनों सन्दर्भों में प्रासंगिक और सहायक है। कबीर का अनुसरण करने का अर्थ है अपने अंतरात्मा को समझना, स्वयं को महसूस करना, स्वयं को वैसे ही स्वीकार करना और अपने परिवेश के साथ सामंजस्य स्थापित करना।
कबीर ने बहुत कविता और गीत लिखे हैं। कबीर के सभी रिकॉर्ड किए गए छंद हिंदी में हैं। उनके गीतों को स्थानीय भाषा के मुक्त उपयोग की विशेषता है, और उनके दिन के व्याकरणिक बंधनों से मुक्त है। यह वह गुण है जिसने उनके दर्शन को भारतीयों की पीढ़ियों के लिए सुलभ बना दिया है।