सायली होली

सायली होली काव्य बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’ द्वारा लिखित है। आप सभी को होली की खूब शुभकामनायें ।

होली

पावन त्योहार

जीवन में लाया

रंगों की

बौछार।

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया

होली

जला देती

अत्याचार, कपट, छल

निष्पाप भक्त

बचाती।

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया

होली

लाई रंग

हों सभी लाल

खेलें पलाश

संग।

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया

होली

देती छेद

ऊँच नीच के

मन से

भेद।

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया

होली

इक्कीस की

कोरोना की तूती

फिर से

बोली।

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया

बासुदेव

रखे चाहना

हिन्दी साहित्य को

होली की

शुभकामना।

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया

और पढ़ें

Leave a Reply
You May Also Like

भूल गये मितवा

भूल गये मीतवा, तुम्हें याद नही कल,जो बिताये थे , साथ मैं हमने पल,छोड़ गये यू, अंधेरी रात मै हमको,बची रोशनी भी छीन ले गये तुम,भूल गये पल वो, याद…
View Post

सुजान छंद (पर्यावरण)

पर्यावरण खराब हुआ, यह नहिं संयोग। मानव का खुद का ही है, निर्मित ये रोग।। अंधाधुंध विकास नहीं, आया है रास। शुद्ध हवा, जल का इससे, हो य रहा ह्रास।।…
View Post

Kavya by Subhash Singh

Table of Contents Hide जनतादौलत का करिश्माअकड़रोशनीऔर पढ़े जनता नेता और जनता की ये कैसी आंखमिचोली है की नेता कितने घाग जनता कितनी भोली है दोनों ही इस बात को…
View Post

दोहे होली by Basudev Agarwal

दोहे होली काव्य बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’ द्वारा लिखित है। होली के सब पे चढ़े, मधुर सुहाने रंग।पिचकारी चलती कहीं, बाजे कहीं मृदंग।। दहके झूम पलाश सब, रतनारे हो आज। मानो…
View Post

आल्हा छंद – अग्रदूत अग्रवाल

आल्हा छंद अग्रदूत अग्रवाल अग्रोहा की नींव रखे थे, अग्रसेन नृपराज महान।धन वैभव से पूर्ण नगर ये, माता लक्ष्मी का वरदान।।आपस के भाईचारे पे, अग्रोहा की थी बुनियाद।एक रुपैया एक…
View Post