भूल गये मितवा

भूल गये मीतवा, तुम्हें याद नही कल,जो बिताये थे , साथ मैं हमने पल,छोड़ गये यू, अंधेरी रात मै हमको,बची रोशनी भी छीन ले गये तुम,भूल गये पल वो, याद…
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न वक्त से हुआ…

न वक्त से हुआ, न गुलजार से हुआ,कलाम तो दुखी जाहान से हुआ,तडप के रह गये खुले परिन्दे के ताराजूखुदा भी उनका गुलाम जो हुआ । न गुल अपना न…
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Top 30+ Hindi Shayari by anonymous

Hello everyone, Here we are Sharing some of the most beautiful Shayari by anonymous authors. Hope you like it. Anonymous Shayari on Life मैंने ये जिंदगी भी तो तेरे हवाले…
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Dur

Tujhe ilm n tha , human ehsas Acha lga Jitna Mai tujhmai khoti gyi utna hi Tu dur HOTA rha Mera to Sacha tha prr uska jhuta nikla Hum to…
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Kavya by Subhash Singh

जनता नेता और जनता की ये कैसी आंखमिचोली है की नेता कितने घाग जनता कितनी भोली है दोनों ही इस बात को बखूबी जानते है पर कोई आदत से मजबूर…
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सुजान छंद (पर्यावरण)

पर्यावरण खराब हुआ, यह नहिं संयोग। मानव का खुद का ही है, निर्मित ये रोग।। अंधाधुंध विकास नहीं, आया है रास। शुद्ध हवा, जल का इससे, हो य रहा ह्रास।।…
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सोरठा “राम महिमा”

सोरठा राम रहीमा काव्य बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’ द्वारा लिखित है। मंजुल मुद आनंद, राम-चरित कलि अघ हरण। भव अधिताप निकंद, मोह निशा रवि सम दलन।। हरें जगत-संताप, नमो भक्त-वत्सल प्रभो।…
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