गीतिका – अभी तो सूरज उगा है

गीतिका – अभी तो सूरज उगा है. प्रधान मंत्री मोदी जी की कविता की पंक्ति से प्रेरणा पा लिखी गीतिका। अभी तो सूरज उगा है,सवेरा यह कुछ नया है। प्रखरतर…
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शालिनी छन्द – राम स्तवन

शालिनी छन्द by Ram Stavan हाथों में वे, घोर कोदण्ड धारे।लंका जा के, दैत्य दुर्दांत मारे।।सीता माता, मान के साथ लाये।ऐसे न्यारे, रामचन्द्रा सुहाये।। मर्यादा के, आप हैं नाथ स्वामी।शोभा…
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शिखरिणी छंद – भारत वंदन

शिखरिणी छंद – भारत वंदन बड़ा ही प्यारा है, जगत भर में भारत मुझे।सदा शोभा गाऊँ, पर हृदय की प्यास न बुझे।।तुम्हारे गीतों को, मधुर सुर में गा मन भरूँ।नवा…
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स्रग्धरा छंद – शिव स्तुति

स्रग्धरा छंद – शिव स्तुति शम्भो कैलाशवासी, सकल दुखित की, पूर्ण आशा करें वे।भूतों के नाथ न्यारे, भव-भय-दुख को, शीघ्र सारा हरें वे।।बाघों की चर्म धारें, कर महँ डमरू, कंठ…
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Guru par kavita

हाथ पकड़कर जिसनेमुझे पढ़ना-लिखना सिखायाभाषा-अक्षर का बोधजिसने मुझे करायादुनिया के साथ कदम मिलाकरजिसने चलना सिखायाजिसने की मेरी जिन्दगी शुरूवो है मेरे आदरणीय गुरु खेल-खेल में हमे पढ़ातेअच्छी-अच्छी बातें बतातेमेरे हर…
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