दोहे होली by Basudev Agarwal

दोहे होली काव्य बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’ द्वारा लिखित है। होली के सब पे चढ़े, मधुर सुहाने रंग।पिचकारी चलती कहीं, बाजे कहीं मृदंग।। दहके झूम पलाश सब, रतनारे हो आज। मानो…
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सायली होली

सायली होली काव्य बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’ द्वारा लिखित है। आप सभी को होली की खूब शुभकामनायें । होली पावन त्योहार जीवन में लाया रंगों की बौछार। बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’तिनसुकिया होली…
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मंत्री जी पर आधारित कविता

मंत्री जी पर आधारित कविता देवेश दीक्षित द्वारा लिखी गयी है। मंत्री जी ओ मंत्री जी मुँह उठा कर कहाँ चले धोती कुर्ता पहन के टोपी धूल उड़ाकर कहाँ चले…
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जुगनू by Devesh Dikshit

जुगनू होता है ऐसा कीट जो बनता है सबका मीत पल-पल में है जलता-बुझता ऐसी है इसकी तकदीर आधे इंच का ये अद्भुत कीट प्रभु ने बनाया ये कैसा जीव…
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नारी दिवस – Women’s day kavita

नारी दिवस पर आधारित कविता देवेश दीक्षित द्वारा लिखी गयी है। नारी दिवस के महत्व को समझो मेरे यार नारी से ही है सृष्टि इसका करो सम्मान यदि न होती…
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जन्माष्टमी पर आधारित कविता

जन्माष्टमी पर आधारित कविता देवेश दीक्षित द्वारा लिखी गयी है। बाल कृष्ण मुरली मनोहर जब भी खेल रचाएं एक सबक होता उसमें फिर परमानंद मनाएं प्रत्येक जीव उनकी धरोहर उन…
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धार छंद – आज की दशा

धार छंद “आज की दशा” आधारित कविता बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’ द्वारा लिखी गयी है। अत्याचार।भ्रष्टाचार।का है जोर।चारों ओर।। सारे लोग।झेलें रोग।हों लाचार।खाएँ मार।। नेता नीच।आँखें मीच।फैला कीच।राहों बीच।। पूँजी जोड़।माथा…
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नवगीत – भगवन चाटुकार मैं भी बन जाऊँ

भगवन चाटुकार मैं भी बन जाऊँ।बन्द सफलताओं पे पड़ेतालों की कुँजी पा जाऊँ।। विषधर नागों से नेता, सत्ता वृक्षों में लिपटे हैं;उजले वस्त्रों में काले तन, चमचे उनसे चिपटे हैं;जनता…
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