कृष्ण-कुमार-यादव

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भूल गये मीतवा, तुम्हें याद नही कल,जो बिताये थे , साथ मैं हमने पल,छोड़ गये यू, अंधेरी रात मै हमको,बची रोशनी भी छीन ले गये तुम,भूल गये पल वो, याद…
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न वक्त से हुआ…

न वक्त से हुआ, न गुलजार से हुआ,कलाम तो दुखी जाहान से हुआ,तडप के रह गये खुले परिन्दे के ताराजूखुदा भी उनका गुलाम जो हुआ । न गुल अपना न…
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Kavya by Subhash Singh

Table of Contents Hide जनतादौलत का करिश्माअकड़रोशनीऔर पढ़े जनता नेता और जनता की ये कैसी आंखमिचोली है की नेता कितने घाग जनता कितनी भोली है दोनों ही इस बात को…
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शिखरिणी छंद – भारत वंदन

शिखरिणी छंद – भारत वंदन बड़ा ही प्यारा है, जगत भर में भारत मुझे।सदा शोभा गाऊँ, पर हृदय की प्यास न बुझे।।तुम्हारे गीतों को, मधुर सुर में गा मन भरूँ।नवा…
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पर्यावरण खराब हुआ, यह नहिं संयोग। मानव का खुद का ही है, निर्मित ये रोग।। अंधाधुंध विकास नहीं, आया है रास। शुद्ध हवा, जल का इससे, हो य रहा ह्रास।।…
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