Top 30+ Hindi Shayari by anonymous

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Hello everyone, Here we are Sharing some of the most beautiful Shayari by anonymous authors. Hope you like it.

Anonymous Shayari on Life

मैंने ये जिंदगी भी तो तेरे हवाले कर रखी है
मै मर भी गया तो भी मेरा कुछ नहीं जाएगा।।
❤️❤️❤️❤️❤️

जो लम्हा साथ हैं उसे जी भर के जी लेना
कम्बख्त ये जिंदगी भरोसे के काबिल नहीं हैं

मशहूर होने का शौक़ किसे है……
मुझे तो मेरे अपने ही ठीक से पहचान लें तो भी काफ़ी है….

चलो हम गलत थे ये मान लेते है..
ऎ जिंदगी..

पर एक बात बता..
क्या वो शख्स सही था

जो बदल गया इतना.. करीब आने के बाद.

Anonymous Shayari on Sad Lover

रूठ गये वो हमकों मनाना होगा,
इस प्यार को मन्जिल तक पहुचाना होगा.,
तूझे सँग लेकर चलूंगी मै
खिलाफ खडा ये जमाना होगा ।

कुछ दूर हमारे साथ चलो,
हम दिल की कहानी कह देंगे,
समझो न जिसे तुम आखो से,
वो बात जुबानी कहा देंगे…….!!!

❛जो जले थे हमारे लिए, बुझ रहे है वो सारे दिये,,,

कुछ अंधेरों की थी साजिशें, कुछ उजालों ने धोखे दिए. ❜ 😊

अंदर से टूटे हुए लोग जितना भी मुस्कुरा ले
उदासी उनकी आँखों में दिख ही जाती है।।

Anonymous Shayari on Mohabbat

कलियाँ खिल जाती हैं ,
जिन्दगी बाग बन जाती है,
एक बार मोहब्बत करके देख ,
जन्नत यही दुनिया दिख जाती हैं।

मंजूर है हमे तुम्हारी शर्ते सारी ,
बस इस मोहब्बत के दर्द से हमे आजाद कर दो।

इश्क़ तो मेरा महफूज़ है तुझ में…
ज़िस्म अलग है पर रूह है तुझमें,
यादें और शमाँ भरी हैं बस इस दिल में…
बस तू है तू है और सिर्फ तू है मुझमे.

कितनी बेचैनियाँ है ज़हन में तुझे लेकर..!!
पर तुझ-सा सुकून भी और कहीं नहीं…!

तुम्हारा ख्याल मेरे मन से जाये भी …….

तो जाये कैसे, कि तुम मेरे ख्याल के……. .

…….. ख़्यालों मे भी शामिल हो…!!

रूठ जाने के बाद गलती
किसी की भी हो….
बात शुरू वहीं करता हैं,,,,
जो बेपनाह मोहब्बत करता हैं!!

नींद भी नीलाम हो जाती हैं दिलों की महफ़िल में जनाब

किसी को भूल कर सो जाना इतना आसान नहीं होता

तन्हा मौसम है और उदास ‎रात है
वो मिल के बिछड़ गये ये ‎कैसी मुलाक़ात है,
दिल धड़क तो रहा है मगर ‎आवाज़ नही है,
वो धड़कन भी साथ ले गये ‎कितनी अजीब बात है…..!!!!!

लौटते वो हैं जो रूठकर चले जाते हैं
टूटकर जाने वाले लौटा नहीं करते___!!

कोई सुबूत नहीं
होता मोहब्बत का,
नाम लेने पर धड़कने बढ़ जाये तो
समझो मोहब्बत बेइंतेहा है ❤️

काश..
तूने समझा होता,
हमे वक़्त नहीं,
जिंदगी गुजारनी थी एक साथ..

कुछ किस्से दिल में,
तो कुछ कागजों
पर आबाद रहे
बताओ कैसे भूलें उसे जो हर साँस में याद रहे….!!!!!

नीलाम कुछ इस कदर हुए,
बाज़ार-ए-वफ़ा में हम आज,
बोली लगाने वाले भी वो ही थे,
जो कभी झोली फैला कर माँगा करते थे…..,!!!!!!

डिग्रीया तो बस तालीम के खर्चे की रसीदें है,
ज्ञान तो वही हैं जो किरदार में झलके..!!

लबों तक आकर भी जुबां पर न आए…
मोहब्बत में सब्र का वो मुकाम हो तुम…

इश्क़ वाजिब था हम़ पर जो हमनें कर लिया…
वफा फर्ज हैं उन पर देखें अब़ वो क्या करते हैं…

हम भी ‎खुद को इतना ‎बदलेंगे एक दिन ,
कि लोग ‎तरस जाएंगे हमें ‎पहले जैसा देखने के ‎लिए ।।

कुछ लोग हमारे साथ रहकर भी,
हमसे बेहतर की तालाश में है।।

मोहब्बत की है तुमसे यार बेफ़िकर रहो,
नाराजगी हो सकती है नफरत नही…..

दिल डरता है
अब शिकायते करने से
लोग गलती सुधारने की जगह
छोड़कर चले जाते हैं……!

खिले गुलाबों को लगता है….
उनसे ख़ास कोई है ही नहीं….
अगले दिन ….. अगली कली भी …..
इसी भरम में बिखेर दी जाती है अक्सर….

बेपनाह प्यार अब उनसे होने दिया जाए
खुद को उनकी बातों में खोने दिया जाए
इश्क़ हो रहा है उन से क्या किया जाए
रोके अपने आपको या होने दिया जाए

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Sahitya Hindi

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